महाभारत 9.26.4
परिश्रान्तश्च नकुलः सहदेवश्च भारतयोधयित्वा रणे पापान्धार्तराष्ट्रपदानुगान्
pariśrāntaśca nakulaḥ sahadevaśca bhāratayodhayitvā raṇe pāpāndhārtarāṣṭrapadānugān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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