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महाभारत 9.28.1
संजय उवाच · saṃjaya uvāca
ततः क्रुद्धा महाराज सौबलस्य पदानुगाःत्यक्त्वा जीवितमाक्रन्दे पाण्डवान्पर्यवारयन्
tataḥ kruddhā mahārāja saubalasya padānugāḥtyaktvā jīvitamākrande pāṇḍavānparyavārayan
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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