महाभारत 9.32.7तदिदं द्यूतमारब्धं पुनरेव यथा पुराविषमं शकुनेश्चैव तव चैव विशां पतेtadidaṃ dyūtamārabdhaṃ punareva yathā purāviṣamaṃ śakuneścaiva tava caiva viśāṃ pateइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें