महाभारत 9.34.55
तच्छ्रुत्वा भगवान्क्रुद्धो यक्ष्माणं पृथिवीपतेससर्ज रोषात्सोमाय स चोडुपतिमाविशत्
tacchrutvā bhagavānkruddho yakṣmāṇaṃ pṛthivīpatesasarja roṣātsomāya sa coḍupatimāviśat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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