महाभारत 9.41.33
तमानीतं सरस्वत्या दृष्ट्वा कोपसमन्वितःअथान्वेषत्प्रहरणं वसिष्ठान्तकरं तदा
tamānītaṃ sarasvatyā dṛṣṭvā kopasamanvitaḥathānveṣatpraharaṇaṃ vasiṣṭhāntakaraṃ tadā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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