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महाभारत 9.43.45
ततः स भगवान्धीमान्सर्वलोकपितामहःमनसा चिन्तयामास किमयं लभतामिति
tataḥ sa bhagavāndhīmānsarvalokapitāmahaḥmanasā cintayāmāsa kimayaṃ labhatāmiti
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंततः स भगवान्धीमान्सर्वलोकपितामहःमनसा चिन्तयामास किमयं लभतामिति
tataḥ sa bhagavāndhīmānsarvalokapitāmahaḥmanasā cintayāmāsa kimayaṃ labhatāmiti
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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