महाभारत 9.44.108
एते चान्ये च बहवो महापारिषदा नृपउपतस्थुर्महात्मानं कार्त्तिकेयं यशस्विनम्
ete cānye ca bahavo mahāpāriṣadā nṛpaupatasthurmahātmānaṃ kārttikeyaṃ yaśasvinam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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