महाभारत 9.44.2ततो हिमवता दत्ते मणिप्रवरशोभितेदिव्यरत्नाचिते दिव्ये निषण्णः परमासनेtato himavatā datte maṇipravaraśobhitedivyaratnācite divye niṣaṇṇaḥ paramāsaneइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें