महाभारत 9.44.55
पुण्यनामा सुनामा च सुवक्त्रः प्रियदर्शनःपरिश्रुतः कोकनदः प्रियमाल्यानुलेपनः
puṇyanāmā sunāmā ca suvaktraḥ priyadarśanaḥpariśrutaḥ kokanadaḥ priyamālyānulepanaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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