महाभारत 9.45.43
ददौ पशुपतिस्तस्मै सर्वभूतमहाचमूम्उग्रां नानाप्रहरणां तपोवीर्यबलान्विताम्
dadau paśupatistasmai sarvabhūtamahācamūmugrāṃ nānāpraharaṇāṃ tapovīryabalānvitām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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