महाभारत 9.49.11देवलस्तु यथाशक्ति पूजयामास भारतऋषिदृष्टेन विधिना समा बह्व्यः समाहितःdevalastu yathāśakti pūjayāmāsa bhārataṛṣidṛṣṭena vidhinā samā bahvyaḥ samāhitaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें