महाभारत 9.49.21
तं दृष्ट्वा चाप्लुतं तोये सागरे सागरोपमम्प्रविष्टमाश्रमं चापि पूर्वमेव ददर्श सः
taṃ dṛṣṭvā cāplutaṃ toye sāgare sāgaropamampraviṣṭamāśramaṃ cāpi pūrvameva dadarśa saḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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