महाभारत 9.49.33
वाजपेयं क्रतुवरं तथा बहुसुवर्णकम्आहरन्ति महाप्राज्ञास्तेषां लोकेष्वपश्यत
vājapeyaṃ kratuvaraṃ tathā bahusuvarṇakamāharanti mahāprājñāsteṣāṃ lokeṣvapaśyata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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