महाभारत 9.49.49
तेषां तद्वचनं श्रुत्वा सिद्धानां देवलः पुनःआनुपूर्व्येण लोकांस्तान्सर्वानवततार ह
teṣāṃ tadvacanaṃ śrutvā siddhānāṃ devalaḥ punaḥānupūrvyeṇa lokāṃstānsarvānavatatāra ha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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