महाभारत 9.49.54
संन्यासकृतबुद्धिं तं ततो दृष्ट्वा महातपाःसर्वाश्चास्य क्रियाश्चक्रे विधिदृष्टेन कर्मणा
saṃnyāsakṛtabuddhiṃ taṃ tato dṛṣṭvā mahātapāḥsarvāścāsya kriyāścakre vidhidṛṣṭena karmaṇā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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