महाभारत 9.49.9आहारकाले मतिमान्परिव्राड्जनमेजयउपातिष्ठत धर्मज्ञो भैक्षकाले स देवलम्āhārakāle matimānparivrāḍjanamejayaupātiṣṭhata dharmajño bhaikṣakāle sa devalamइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें