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महाभारत 9.52.11
यदि ह्यत्र प्रमीता वै स्वर्गं गच्छन्ति मानवाःअस्माननिष्ट्वा क्रतुभिर्भागो नो न भविष्यति
yadi hyatra pramītā vai svargaṃ gacchanti mānavāḥasmānaniṣṭvā kratubhirbhāgo no na bhaviṣyati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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