महाभारत 9.53.30
स चाप्युपगतो युद्धं भीमेन सह सांप्रतम्भविष्यति च तत्सद्यस्तयो राम सुदारुणम्
sa cāpyupagato yuddhaṃ bhīmena saha sāṃpratambhaviṣyati ca tatsadyastayo rāma sudāruṇam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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