महाभारत 9.53.4
ते तु सर्वे महात्मानमूचू राजन्हलायुधम्शृणु विस्तरतो राम यस्यायं पूर्वमाश्रमः
te tu sarve mahātmānamūcū rājanhalāyudhamśṛṇu vistarato rāma yasyāyaṃ pūrvamāśramaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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