महाभारत 9.54.8
ततो दुर्योधनो राजा प्रगृह्य महतीं गदाम्पद्भ्याममर्षाद्द्युतिमानगच्छत्पाण्डवैः सह
tato duryodhano rājā pragṛhya mahatīṃ gadāmpadbhyāmamarṣāddyutimānagacchatpāṇḍavaiḥ saha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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