महाभारत 9.56.45सा तु मोघा गदा राजन्पतन्ती भीमचोदिताचालयामास पृथिवीं महानिर्घातनिस्वनाsā tu moghā gadā rājanpatantī bhīmacoditācālayāmāsa pṛthivīṃ mahānirghātanisvanāइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें