महाभारत 9.6.26
यादृग्भीष्मस्तथा द्रोणो यादृक्कर्णश्च संयुगेतादृशस्तद्विशिष्टो वा मद्रराजो मतो मम
yādṛgbhīṣmastathā droṇo yādṛkkarṇaśca saṃyugetādṛśastadviśiṣṭo vā madrarājo mato mama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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