महाभारत 9.6.38एतावदुक्त्वा वचनं केशवः परवीरहाजगाम शिबिरं सायं पूज्यमानोऽथ पाण्डवैःetāvaduktvā vacanaṃ keśavaḥ paravīrahājagāma śibiraṃ sāyaṃ pūjyamāno'tha pāṇḍavaiḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें