महाभारत 9.61.11
अथ पश्चात्ततः कृष्णो रश्मीनुत्सृज्य वाजिनाम्अवारोहत मेधावी रथाद्गाण्डीवधन्वनः
atha paścāttataḥ kṛṣṇo raśmīnutsṛjya vājināmavārohata medhāvī rathādgāṇḍīvadhanvanaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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