महाभारत 9.62.16
प्रत्यक्षं मे महाबाहो संग्रामे रोमहर्षणेविमर्दः सुमहान्प्राप्तस्त्वया यादवनन्दन
pratyakṣaṃ me mahābāho saṃgrāme romaharṣaṇevimardaḥ sumahānprāptastvayā yādavanandana
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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