महाभारत 9.63.39
समन्तपञ्चके पुण्ये त्रिषु लोकेषु विश्रुतेअहं निधनमासाद्य लोकान्प्राप्स्यामि शाश्वतान्
samantapañcake puṇye triṣu lokeṣu viśruteahaṃ nidhanamāsādya lokānprāpsyāmi śāśvatān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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