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ऋग्वेद 1.91.15
उ॒रु॒ष्या णो॑ अ॒भिश॑स्ते॒: सोम॒ नि पा॒ह्यंह॑सः ।सखा॑ सु॒शेव॑ एधि नः॥
uruṣyā ṇo abhiśaste: soma ni pāhyaṃhasaḥ |sakhā suśeva edhi naḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंउ॒रु॒ष्या णो॑ अ॒भिश॑स्ते॒: सोम॒ नि पा॒ह्यंह॑सः ।सखा॑ सु॒शेव॑ एधि नः॥
uruṣyā ṇo abhiśaste: soma ni pāhyaṃhasaḥ |sakhā suśeva edhi naḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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