Loading
ऋग्वेद 10.20.4
अ॒र्यो वि॒शां गा॒तुरे॑ति॒ प्र यदान॑ड्दि॒वो अन्ता॑न् ।क॒विर॒भ्रं दीद्या॑नः॥
aryo viśāṃ gātureti pra yadānaḍdivo antān |kavirabhraṃ dīdyānaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंअ॒र्यो वि॒शां गा॒तुरे॑ति॒ प्र यदान॑ड्दि॒वो अन्ता॑न् ।क॒विर॒भ्रं दीद्या॑नः॥
aryo viśāṃ gātureti pra yadānaḍdivo antān |kavirabhraṃ dīdyānaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें