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ऋग्वेद 10.9.6
अ॒प्सु मे॒ सोमो॑ अब्रवीद॒न्तर्विश्वा॑नि भेष॒जा ।अ॒ग्निं च॑ वि॒श्वश॑म्भुवम्॥
apsu me somo abravīdantarviśvāni bheṣajā |agniṃ ca viśvaśambhuvam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंअ॒प्सु मे॒ सोमो॑ अब्रवीद॒न्तर्विश्वा॑नि भेष॒जा ।अ॒ग्निं च॑ वि॒श्वश॑म्भुवम्॥
apsu me somo abravīdantarviśvāni bheṣajā |agniṃ ca viśvaśambhuvam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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