ऋग्वेद 10.94.14
सु॒ते अ॑ध्व॒रे अधि॒ वाच॑मक्र॒ता ऽऽक्री॒ळयो॒ न मा॒तरं॑ तु॒दन्त॑: ।वि षू मु॑ञ्चा सुषु॒वुषो॑ मनी॒षां वि व॑र्तन्ता॒मद्र॑य॒श्चाय॑मानाः॥
sute adhvare adhi vācamakratā ''krīḷayo na mātaraṃ tudanta: |vi ṣū muñcā suṣuvuṣo manīṣāṃ vi vartantāmadrayaścāyamānāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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