ऋग्वेद 8.19.34यमा॑दित्यासो अद्रुहः पा॒रं नय॑थ॒ मर्त्य॑म् ।म॒घोनां॒ विश्वे॑षां सुदानवः॥yamādityāso adruhaḥ pāraṃ nayatha martyam |maghonāṃ viśveṣāṃ sudānavaḥ ||इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें