ऋग्वेद 8.23.15न तस्य॑ मा॒यया॑ च॒न रि॒पुरी॑शीत॒ मर्त्य॑: ।यो अ॒ग्नये॑ द॒दाश॑ ह॒व्यदा॑तिभिः॥na tasya māyayā cana ripurīśīta martya: |yo agnaye dadāśa havyadātibhiḥ ||इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें