Loading
ऋग्वेद 8.45.15
यस्ते॑ रे॒वाँ अदा॑शुरिः प्रम॒मर्ष॑ म॒घत्त॑ये ।तस्य॑ नो॒ वेद॒ आ भ॑र॥
yaste revām̐ adāśuriḥ pramamarṣa maghattaye |tasya no veda ā bhara ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंयस्ते॑ रे॒वाँ अदा॑शुरिः प्रम॒मर्ष॑ म॒घत्त॑ये ।तस्य॑ नो॒ वेद॒ आ भ॑र॥
yaste revām̐ adāśuriḥ pramamarṣa maghattaye |tasya no veda ā bhara ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें