Loading
ऋग्वेद 8.45.19
यच्चि॒द्धि ते॒ अपि॒ व्यथि॑र्जग॒न्वांसो॒ अम॑न्महि ।गो॒दा इदि॑न्द्र बोधि नः॥
yacciddhi te api vyathirjaganvāṃso amanmahi |godā idindra bodhi naḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंयच्चि॒द्धि ते॒ अपि॒ व्यथि॑र्जग॒न्वांसो॒ अम॑न्महि ।गो॒दा इदि॑न्द्र बोधि नः॥
yacciddhi te api vyathirjaganvāṃso amanmahi |godā idindra bodhi naḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें