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ऋग्वेद 8.45.23
मा त्वा॑ मू॒रा अ॑वि॒ष्यवो॒ मोप॒हस्वा॑न॒ आ द॑भन् ।माकीं॑ ब्रह्म॒द्विषो॑ वनः॥
mā tvā mūrā aviṣyavo mopahasvāna ā dabhan |mākīṃ brahmadviṣo vanaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंमा त्वा॑ मू॒रा अ॑वि॒ष्यवो॒ मोप॒हस्वा॑न॒ आ द॑भन् ।माकीं॑ ब्रह्म॒द्विषो॑ वनः॥
mā tvā mūrā aviṣyavo mopahasvāna ā dabhan |mākīṃ brahmadviṣo vanaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें