वाल्मीकि रामायण 1.1.11
समः सम विभक्त अंगः स्निग्ध वर्णः प्रतापवान् ।पीन वक्षा विशालाक्षो लक्ष्मीवान् शुभ लक्षणः॥
samaḥ sama vibhakta aṃgaḥ snigdha varṇaḥ pratāpavān |pīna vakṣā viśālākṣo lakṣmīvān śubha lakṣaṇaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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