वाल्मीकि रामायण 1.1.50
सहायम् वरयामास मारीचम् नाम राक्षसम् ।वार्यमाणः सुबहुशो मारीचेन स रावणः॥
sahāyam varayāmāsa mārīcam nāma rākṣasam |vāryamāṇaḥ subahuśo mārīcena sa rāvaṇaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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