वाल्मीकि रामायण 1.1.81
तेन गत्वा पुरीम् लंकाम् हत्वा रावणम् आहवे ।रामः सीताम् अनुप्राप्य पराम् व्रीडाम् उपागमत्॥
tena gatvā purīm laṃkām hatvā rāvaṇam āhave |rāmaḥ sītām anuprāpya parām vrīḍām upāgamat ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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