वाल्मीकि रामायण 1.13.21
समानयस्व सत्कृत्य सर्व देशेषु मानवान् ।मिथिलाधिपतिम् शूरम् जनकम् सत्य वादिनम्॥
samānayasva satkṛtya sarva deśeṣu mānavān |mithilādhipatim śūram janakam satya vādinam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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