वाल्मीकि रामायण 1.13.22
तम् आनय महाभागम् स्वयम् एव सुसत्कृतम् ।पूर्व संबन्धिनम् ज्ञात्वा ततः पूर्वम् ब्रवीमि ते॥
tam ānaya mahābhāgam svayam eva susatkṛtam |pūrva saṃbandhinam jñātvā tataḥ pūrvam bravīmi te ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें