वाल्मीकि रामायण 1.13.24
तथा केकय राजानम् वृद्धम् परम धार्मिकम् ।श्वशुरम् राज सिंहस्य सपुत्रम् त्वम् इह आनय॥
tathā kekaya rājānam vṛddham parama dhārmikam |śvaśuram rāja siṃhasya saputram tvam iha ānaya ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें