वाल्मीकि रामायण 1.18.26
सर्वे ज्ञानोपसंपन्नाः सर्वे समुदिता गुणैः ।तेषाम् अपि महातेजा रामः सत्य पराक्रमः॥
sarve jñānopasaṃpannāḥ sarve samuditā guṇaiḥ |teṣām api mahātejā rāmaḥ satya parākramaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें