वाल्मीकि रामायण 1.19.11
त्रयाणाम् अपि लोकानाम् येन ख्यातिम् गमिष्यति ।न च तौ रामम् आसाद्य शक्तौ स्थातुम् कथम् च न॥
trayāṇām api lokānām yena khyātim gamiṣyati |na ca tau rāmam āsādya śaktau sthātum katham ca na ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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