वाल्मीकि रामायण 1.19.8
तथा भूता हि सा चर्या न शापः तत्र मुच्यते ।स्व पुत्रम् राज शार्दूल रामम् सत्य पराक्रमम्॥
tathā bhūtā hi sā caryā na śāpaḥ tatra mucyate |sva putram rāja śārdūla rāmam satya parākramam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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