वाल्मीकि रामायण 1.20.14
मामकैः वा बलैः ब्रह्मन् मया वा कूट योधिनाम् ।सर्वम् मे शंस भगवन् कथम् तेषाम् मया रणे॥
māmakaiḥ vā balaiḥ brahman mayā vā kūṭa yodhinām |sarvam me śaṃsa bhagavan katham teṣām mayā raṇe ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें