वाल्मीकि रामायण 1.20.2
ऊन षोडश वर्षो मे रामो राजीव लोचनः ।न युद्ध योग्यताम् अस्य पश्यामि सह राक्षसैः॥
ūna ṣoḍaśa varṣo me rāmo rājīva locanaḥ |na yuddha yogyatām asya paśyāmi saha rākṣasaiḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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