वाल्मीकि रामायण 1.30.13
ताम् तेन रुधिर ओघेण वेदीम् वीक्ष्य समुक्षिताम् ।सहसा अभिद्रुतो रामः तान् अपश्यत् ततो दिवि॥
tām tena rudhira ogheṇa vedīm vīkṣya samukṣitām |sahasā abhidruto rāmaḥ tān apaśyat tato divi ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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