वाल्मीकि रामायण 1.30.9
स दर्भ चमस स्रुक्का स समित् कुसुमोच्चया ।विश्वामित्रेण सहिता वेदिः जज्वाल स ऋत्विजा॥
sa darbha camasa srukkā sa samit kusumoccayā |viśvāmitreṇa sahitā vediḥ jajvāla sa ṛtvijā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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