वाल्मीकि रामायण 1.35.22
एते ते शैल राजस्य सुते लोक नमस्कृते ।गंगा च सरिताम् श्रेष्ठा उमादेवी च राघव॥
ete te śaila rājasya sute loka namaskṛte |gaṃgā ca saritām śreṣṭhā umādevī ca rāghava ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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