वाल्मीकि रामायण 1.39.13
समुद्र मालिनीम् सर्वाम् पृथिवीम् अनुगच्छत ।एक एकम् योजनम् पुत्रा विस्तारम् अभिगच्छत॥
samudra mālinīm sarvām pṛthivīm anugacchata |eka ekam yojanam putrā vistāram abhigacchata ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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